Friday, April 5, 2019

关键时间点 习近平明晰反腐“路线图”

  “中国反腐接下来怎么做?”中共中央不久前定性反腐败斗争取得“压倒性胜利”后,海内外观察者更为关注“百年大党”将如何继续自身净化。现在,这个问题有了答案。

  站在新中国成立70周年的关键时间点,中国最高领导人习近平在11日召开的十九届中央纪委三次全会上,就继续推进全面从严治党,继续推进党风廉政建设和反腐败斗争提出6项任务,明晰了下一步工作的“路线图”。

  其中,从三个字或可看出相关工作的思路所在。

  一是“督”。2019年是新中国成立70周年,和全面建成小康社会、实现第一个百年奋斗目标的关键之年。不可否认,在关键之年,中国所面临的内外风险点持续增多,习近平此时尤为强调监督的作用,确保党中央令行禁止。

  他提出,坚持用新时代中国特色社会主义思想武装头脑,经常对表对标,及时校准偏差,各级党组织要旗帜鲜明坚持和加强党的全面领导,坚持党中央重大决策部署到哪里,监督检查就跟进到哪里;同时在监督手段上,他提出强化主体责任,完善监督体系,要深化国家监察体制改革,高质量推进巡视巡察全覆盖,发挥派驻机构职能作用。

  专家认为,从思想到制度,习近平给出了强化监督的重点和方向。中央党校教授戴焰军认为,中国发展到目前阶段,一方面具备很好的发展基础,另一方面有很多新的考验。要实现自身发展目标,要求全党上下必须保证党中央的令行禁止。“强化对这方面的监督,是中国实现既定发展目标的内在要求。”

  二是“防”。反腐败斗争已经取得“压倒性胜利”,继续“防微杜渐”成为下一步工作的重点之一。习近平在讲话中,两次提到要对不正之风的新表现、新变种进行防治。

  他说,要紧盯形式主义、官僚主义新动向新表现,拿出有效管用的整治措施;对享乐主义、奢靡之风等歪风陋习要露头就打,对“四风”隐形变异新动向要时刻防范。

  清华大学党委副书记、廉政与治理研究中心主任过勇认为,过去取得的成就来之不易,但也容易萌生松懈的想法,习近平的讲话特别提到对新形势下的不正之风预防,体现出反腐败斗争仍然坚持严字当头、巩固成果的决心。

  戴焰军说,警惕不正之风的新变种,是将反腐败工作做在前边,可以有效掌握工作的主动权,也体现了中国共产党历来未雨绸缪的忧患意识。

  三是“惩”。惩治的关键在于准和实。习近平在讲话中,尤为提到对几种对象和行为“靶向治疗、精确惩治”。

  他说,聚焦党的十八大以来着力查处的重点对象,紧盯事关发展全局和国家安全的重大工程、重点领域、关键岗位,加大金融领域反腐力度,对存在腐败问题的,发现一起坚决查处一起;向群众身边不正之风和腐败问题亮剑,维护群众切身利益,要做深做实做细市县巡察和纪委监委日常监督,在实践中拓展整治群众身边腐败和作风问题工作,从具体人、具体事着手,将问题一个一个解决。

  “重要”“关键”“身边”“日常”“具体”……过勇认为,在“靶向治疗、精确惩治”的要求下,习近平对重点惩治的对象和问题作出了细致的部署,这与他在近几届中央纪委全会上的讲话精神保持了连贯和一致。“百年大党”也再次用自身行动回应了外界的关切:党风廉政建设和反腐败斗争只有进行时,没有完成时

Tuesday, March 5, 2019

“伊斯兰国新娘”丈夫:“我们应回荷兰生活”

“伊斯兰国”英国少女沙米玛·贝古姆(Shamima Begum)的荷兰籍丈夫亚戈·里迪克(Yago Riedijk)在接受BBC中东事务记者夏昆汀(Quentin Sommerville)的采访时称,他希望妻子贝古姆能够和他一起回荷兰生活。

早些时候,英国政府决定取消2015年曾投奔“伊斯兰国”的贝古姆的英国国籍。

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如今,已经19岁的贝古姆在两周前刚刚生下了儿子,并表示想回英国生活,于是引起英国政府是否应允许她回国的一场激烈辩论。

但最终,英国内政大臣贾维德(Sajid Javid)决定取消她的英国国籍,理由是她母亲是孟加拉国籍,因此她可以加入孟加拉国国籍。

但孟加拉外交部已经对此提出争议,称贝古姆不是孟加拉公民,也将不会允许她进入孟加拉。

贝古姆的丈夫亚戈如果回到荷兰,也面临6年监禁的命运。

亚戈目前被关押在叙利亚东北部的库尔德人拘留所。

而贝古姆在生下儿子后据报离开了叙利亚北部的al-Hawl难民营,前往别处。

贝古姆周一(2月18日)在BBC的访谈中称,她从未想要成为“伊斯兰国”的“海报女孩”,现在希望回英国安静地抚养孩子。

英国独立电视台获得了一封寄给贝古姆母亲的信,信中要求她告知女儿英国政府的决定。

与孟加拉国的关系
《1981年英国国籍法令》规定,一人可以被剥夺其公民身份,如果内政大臣认为这样做"有利于公众利益"而且他们不会因此成为无国籍人士。

贝古姆说,她用姐姐的英国护照前往叙利亚,但是护照在过境时被拿走。贝古姆据信拥有孟加拉血统,但她对BBC说,她没有孟加拉护照,也从没有去过该国。

而对于贝古姆的孩子,英国父母在被剥夺公民身份前所生的孩子仍然被视为英国人,虽然理论上英国可能取消其公民身份。

一名内政部发言人称:“近日内政大臣明确表示,他的首要任务是英国和英国人的安全。”他表示,内政部不对个案发表评论,而取消国籍的决定是“基于所有现有证据”。

前恐怖主义立法独立审查员卡莱尔勋爵表示,据信贝古姆的母亲是孟加拉公民,如果真是这样,那根据孟加拉法律,贝古姆应该也是孟加拉公民。

伦敦警察厅前总警司、贝古姆家人的朋友巴布(Dal Babu)称,贝古姆从未去过孟加拉国,并称“这看上去是一个奇怪的决定,我不确定这如何能在法律上站得住脚”。

“伊斯兰国”已经失去了他们曾经控制的大部分区域,但据信在叙利亚与伊拉克边境附近50平方公里的地区,仍有1000到1500名武装分子。

伦敦国王学院激进化研究国际中心的数据显示,2013年4月至2018年6月,来自80个国家4万多名国际公民据信加入伊拉克和叙利亚的“伊斯兰国”。英国内政部对BBC表示,其中有超过900名英国公民,但大约400人已经返回英国。

英国内政大臣贾维德(Sajid Javid)本周早些时候对国会议员表示,超过100名双重国籍人士离开英国支持恐怖组织后失去了英国国籍。

去年,两名被指是“伊斯兰国”小组“披头士”成员的英国男子在叙利亚被捕后遭剥夺英国国籍。

“报复”
贝古姆说,如果她获准与孩子返回英国,她已经做好进监狱的准备。

她告诉BBC,自己对2017年发生在曼城竞技场那次导致22人死亡的的袭击案感到震惊。但她也把这次袭击和“伊斯兰国”遭到的打击相比,并将其称作“报复”。

波特(Robbie Potter)在曼彻斯特体育馆的门厅等孩子时受了重伤,他对贝古姆的言论感到愤怒和恶心。

2015年2月,贝古姆与两名学校的朋友苏丹娜(Kadiza Sultana)和阿贝斯(Amira Abase)离开英国。她们对父母说外出一天,但却打包行李飞往土耳其,随后前往叙利亚“伊斯兰国”控制的区域。

苏丹娜据信在一场爆炸中身亡,阿贝斯目前下落不明。而贝古姆此前失去了两个孩子,上周生下了一名男婴。

贝古姆的丈夫是一名皈依伊斯兰教的荷兰人,据信大约两周前向一群叙利亚武装分子投降。贝古姆有权对内政部的决定提出上诉。

Wednesday, February 6, 2019

अगर ऐसा हुआ तो तीन महीने के भीतर भारत लाया जा सकता है माल्या

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने भारतीय बैंकों का हजारों करोड़ रुपये लेकर फरार विजय माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर मुहर लगा दी है. अब माल्या के प्रत्यर्पण का मामला पूरी तरह से कोर्ट पर निर्भर है. बड़ा सवाल यह है कि क्या माल्या लोकसभा चुनाव तक यानी मई 2019 से पहले भारत लाया जा सकता है, इसका जवाब हां में है, लेकिन इसके लिए कुछ किंतु-परंतु हैं. आइए जानते हैं कि माल्या का जल्द प्रत्यर्पण किस सूरत में संभव है.

गौरतलब है कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश गत 10 दिसंबर, 2018 को ब्रिटेन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के चीफ मजिस्ट्रेट ने दिया था, जिसे वहां के गृह मंत्री साजिद जावेद ने 3 फरवरी को मंजूरी दे दी है. अब विजय माल्या के पास ऊपरी अदालत में अपील के लिए 14 दिन का समय है. माल्या ने ट्वीट कर इस बात की पुष्टि भी की है कि वह इसके खिलाफ अपील करने जा रहा है. माल्या को वापस लाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जांच एजेंसियों ने लंबी लड़ाई लड़ी है.

विजय माल्या ने होम डिपार्टमेंट के निर्णय पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट में लिखा है, '10 दिसंबर, 2018 के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के निर्णय के बाद ही मैने अपील की मंशा जाहिर की थी. होम सेक्रेटरी के निर्णय से पहले मैं अपील की प्रक्रिया की शुरुआत नहीं कर पाया. अब मैं अपील की प्रक्रिया शुरू करूंगा.'

माल्या की अपील पर सबसे पहले एक जज वाले हाईकोर्ट की बेंच में सुनवाई होगी. यह जज भी यदि प्रत्यर्पण के आदेश पर मुहर लगाते हैं, लेकिन आगे अपील की अनुमति भी दे देते हैं तो उसके बाद माल्या की अपील पर हाईकोर्ट के दो जज सुनवाई करेंगे. इसके बाद माल्या सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है कि उसके केस की सुनवाई वहां की जाए. अगर सुप्रीम कोर्ट यह मंजूर कर लेता है तो पूरे मामले की सुनवाई पूरी होने में करीब 18 महीने लग जाएंगे.

मई से पहले भारत लाना संभव

लेकिन यदि अपील के पहले चरण में ही हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण पर मुहर लगा दी और माल्या को आगे अपील की इजाजत नहीं दी, तो माल्या को जितनी जल्दी हो सके प्रत्यर्पित कर भारत लाया जा सकेगा. तब इस बात की प्रबल संभावना होगी कि माल्या को मई, 2019 से पहले ही भारत लाया जाए.

कारोबारी विजय माल्या पिछले कई साल से भारत सरकार और कर्ज देने वाले कई बैंकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है. 9000 करोड़ का कर्ज लेकर फरार माल्या लंदन में गिरफ्तार भी हुआ था, लेकिन उसे तत्काल जमानत मिल गई.

साल 2017 में 8 फरवरी को भारत सरकार ने ब्रिटेन को माल्या के प्रत्यर्पण की अर्जी दी थी. उसी साल जनवरी में सीबीआई की विशेष अदालत ने आईडीबीआई लोन डिफाल्ट केस में माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. साल 2012 में पहली बार बैंकों के कंसोर्टियम ने यह खुलासा किया कि विजय माल्या ने उनसे करीब 7,000 करोड़ रुपये का लोन लिया है और चुका नहीं पा रहे.

Monday, February 4, 2019

राष्ट्रीय स्तर के कवि ने फेसबुक पर लिखा- सीबीआई चीफ पर मंत्री का बयान व्यक्तिगत कुंठा का परिणाम

सीबीआई के नए चीफ बनाए गए ऋषिकुमार शुक्ला को कमलनाथ सरकार में मंत्री गोविंद सिंह द्वारा अक्षम अधिकारी बताने पर राष्ट्रीय स्तर के कवि और भोपाल में पदस्थ पुलिस इंस्पेक्टर कवि मदन मोहन समर ने आड़े हाथों लिया है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में मंत्री के बयान को कुंठित प्रतिक्रिया बताया है।

समर ने लिखा है कि ऋषि होना आसान नहीं है। उनकी आलोचना करना एक मंत्री की व्यक्तिगत कुंठा प्रदर्शित करती है। किसी घटना के लिए जब मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, मुख्य सचिव जिम्मेदार नहीं होता तो डीजीपी भी नहीं होता। गोविंद सिंह इससे पहले जब गृहमंत्री थे तब भी प्रदेश में जघन्य अपराध हुए थे।

समर ने लिखा, मुलताई में 22 किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन?
मदन मोहन समर ने लिखा, "1998 में मुलताई में 22 किसानों की मृत्यु का जिम्मेदार कौन था। मृतक किसानों में दलित भी थे और पिछड़े भी थे। लिहाजा जिम्मेदार पदों पर रहने वाले व्यक्ति को कुंठित नहीं होना चाहिए। प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री और उससे भी कहीं अधिक अनुभवी व सम्माननीय राजनीतिज्ञ डॉक्टर गोविंद सिंह जो स्वयं प्रदेश के गृह मंत्री रह चुके हैं, द्वारा प्रदेश के सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के लिए अपशब्दों का उपयोग करना राजनीतिक अपसंस्कृति का उदाहरण है।" 

गोविंद सिंह ने ये कहा था
ऋषि कुमार शुक्ला के सीबीआई चीफ बनने पर गोविंद सिंह ने कहा था कि शुक्ला अक्षम अधिकारी हैं और उनके डीजीपी रहते कई दलितों की हत्या हुई। वह सीबीआई चीफ बनने लायक अफसर नहीं थे।

प्रदेश जिन कॉलेजों में 1000 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं, उनमें छात्रावास बनाने की तैयारी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों से जानकारी मांगी है। कॉलेजों के प्राचार्यों से यह भी पूछा गया है कि उनके यहां हॉस्टल बना दिया जाए तो 70 प्रतिशत सीटें भरने की संभावना है या नहीं? शहर के मुरार गर्ल्स कॉलेज में इस योजना के तहत हॉस्टल बनने की संभावना है।

उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने प्राचार्यों को पत्र जारी किया है कि उनके कॉलेज में अगर 1000 या इससे ज्यादा छात्राएं अध्ययनरत हैं और हॉस्टल नहीं हैं ताे वह बताएं कि कॉलेज की कितनी छात्राएं छात्रावास में रहने की इच्छुक हैं। छात्रावास बन जाने के बाद क्या 70 प्रतिशत सीटें भर सकती हैं। कॉलेज के पास हॉस्टल बनाने के लिए कोई जमीन खाली है तो उसकी जानकारी भी भेज दी जाए।

कॉलेज प्राचार्यों से यह अभिमत भी मांगा गया है कि कॉलेज कैंपस में हॉस्टल सुरक्षित रहेगा या नहीं। कॉलेज प्राचार्य इस संंबंध में जानकारी देंगे इसके बाद ही हॉस्टल बनाए जाने का निर्णय किया जाएगा। कॉलेज प्राचार्यों से 5 फरवरी तक यह जानकारी मांगी गई है।

Thursday, January 24, 2019

माइक्रोसॉफ्ट का सर्च इंजन बिंग चीन में ब्लॉक, इसका 2% मार्केट शेयर था

चीन में इंटरनेट सेंसरशिप के चलते माइक्रोसॉफ्ट का सर्च इंजन 'बिंग' भी ब्लॉक हो गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि माइक्रोसॉफ्ट ने खुद इस बात की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की सबसे बड़ी सरकारी टेलीकॉम कंपनी चाइना यूनिकॉम ने भी बिंग के ब्लॉक होने की पुष्टि की है। हालांकि, चीन में बिंग के ब्लॉक होने की पुख्ता वजह अभी तक सामने नहीं आई है। चीन में बिंग का 2% मार्केट शेयर था। चीन के स्थानीय सर्च इंजन बैदू का सबसे ज्यादा 70% मार्केट शेयर है।


विदेशी कंपनी का इकलौता सर्च इंजन था बिंग
चीन में इंटरनेट पर सेंसरशिप पिछले कई सालों से है, जिसके चलते सिर्फ वहां की कंपनियों का ही इंटरनेट पर दबदबा है। चीन में इंटरनेट सेंसरशिप लागू होने के बाद माइक्रोसॉफ्ट का बिंग ही किसी दूसरे देश की कंपनी का सर्च इंजन था। माइक्रोसॉफ्ट वहां की सरकारी नीति के हिसाब से भी काम कर रहा था और उसने अपने सर्च रिजल्ट में कई सेंसेटिव टॉपिक्स को सेंसर कर रखा था। नवंबर 2017 में एपल और एंड्रॉयड के ऐप स्टोर से जब माइक्रोसॉफ्ट की मैसेजिंग और वीडियो कॉलिंग ऐप स्काइप को हटाया गया, तभी से चीन में माइक्रोसॉफ्ट की परेशानी शुरू हो गई थी।


चीन में गूगल 2010 से ब्लॉक
चीन में मार्च 2010 से ही दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल ब्लॉक है। गूगल को भी इंटरनेट सेंसरशिप के चलते ब्लॉक कर दिया गया था। वहां फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर भी बैन लगा हुआ है। वहां पर सर्च इंजन के तौर पर बैदू (Baidu) और सोशल मीडिया साइट्स के तौर पर वीबो (Weibo) का इस्तेमाल होता है।

नेपियर में खेले गए पहले वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया पांच वनडे की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड में 10 साल बाद किसी वनडे में जीत हासिल की है। इसके पहले उसने मार्च 2009 में हैमिल्टन में न्यूजीलैंड को 84 रन से हराया था। भारत ने नेपियर में भी वनडे में दस साल बाद जीत हासिल की। इससे पहले उसने तीन मार्च 2009 को नेपियर में न्यूजीलैंड को 53 रन से हराया था। टीम इंडिया ने पहली बार न्यूजीलैंड में द्विपक्षीय वनडे सीरीज के पहले मैच में जीत हासिल की है। इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीता और बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि, उसका यह फैसला गलत साबित हुआ और वह 38 ओवर में 157 रन ही बना पाई। सूर्य की तेज रोशनी के कारण मैच थोड़ी देर के लिए रोकना भी पड़ा। इसके बाद डकवर्थ लुईस नियम से भारत को 49 ओवर में 156 रन का लक्ष्य मिला। इसे टीम इंडिया ने 34.5 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया।

भारत के लिए ओपनर शिखर धवन ने सबसे ज्यादा नाबाद 75 रन बनाए। उन्होंने 10 वनडे बाद अर्धशतक लगाया। उन्होंने इससे पहले सितंबर 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ 114 रन की पारी खेली थी। धवन ने विराट कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी की। रोहित शर्मा 11 रन बनाकर डग ब्रेसवेल की गेंद पर आउट हुए। कोहली 45 रन बनाकर लॉकी फर्गुसन की गेंद पर पवेलियन लौटे। अंबाती रायुडू 13 रन बनाकर नॉटआउट रहे।

भारत ने टीम में दो बदलाव किए

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पिछले वनडे की टीम में दो बदलाव किए। अंबाती रायडू और कुलदीप यादव की टीम में वापसी हुई। दिनेश कार्तिक और रविंद्र जडेजा को बाहर किया गया।

दोनों टीमें इस प्रकार है:
भारत: रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली (कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, अंबाती रायडू, वियज शंकर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी।

न्यूजीलैंड: मार्टिन गुप्टिल, कॉलिन मुनरो, केन विलियम्सन (कप्तान), रॉस टेलर, हेनरी निकोलस, टॉम लाथम, मिशेल सैंटनर, डग ब्रेसवेल, टिम साउदी, लॉकी फर्गुसन, ट्रेंट बोल्ट।

Wednesday, January 16, 2019

英国脱欧协议被议会否决 政局五种可能面面观

英国首相特蕾莎·梅与欧盟达成的脱欧协议,没能获得议会的批准。在周二(1月15日)晚间的投票表决中,议会以432 票反对,202票支持的史无前例压倒性多数,否决了梅首相的脱欧协议。

这是英国历史上执政党在议会投票表决中遭遇的最惨重失败。上一次英国执政党所提交议案在议会表决中失利,是在1924年的10月,反对票比支持票多出166张,而这一次的差额竟然高达230票。

与此同时,英国主要反对党工党领袖科尔宾已经提交了对现任政府的不信任动议。不信任动议投票预计将在周三(1月16日)格林尼治标准时间19:00进行。

而英镑兑美元汇率在这一投票结果后也略有回升。

英国2016年6月底全民公投决定退出欧盟,对外震动寰球,对内在英国政坛引发连绵不断的余震。这次会有多大影响?全英国和世界都在关注。

经过英国议会长达5天的激烈辩论,一次所谓的“有意义的投票”在英国当地时间1月15日傍晚于英国议会下议院举行。

梅首相呼吁议员们投票支持她的脱欧草案,否则的话,按她的话说,会出现“让英国人民失望”的风险。

这次投票原本计划于2018年年底举行,但因为英国朝野内部反对和分歧激烈,被推迟到2019年1月15日。

特蕾莎·梅首相的脱欧协议被议会否决,那么英国政局将面临以下五种可能:

无协议
如果没有意外,英国会出现无协议脱欧的局面。根据现有的法律,英国将在2019年3月29日脱离欧盟。无论如何,欧盟规定都意谓着英国将在那天脱欧。

英国政府或许希望为无协议脱欧通过某些立法,但这并非关键。

如此一来需要时间,也就意味着有必要推迟脱欧,需要以下两个步骤:其一,英国向欧盟提出延迟要求;其二,所有欧盟国家如果同意才能得以延迟。

大选
首相特蕾莎·梅可能决定提前举行大选,以摆脱目前的僵局,从民意中为她的脱欧协议争取政治支持。

然而,她必须获得三分之二的议员支持才能启动提前大选。即便真的提前大选,也需要在至少25个工作日之后。大选的具体日期由首相决定。

Tuesday, January 8, 2019

Twitter पर टीम इंडिया की हुई जमकर तारीफ, कंगारुओं ने भी माना लोहा

भारत की ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत की पूर्व क्रिकेटरों ने जमकर तारीफ की है. भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से जीती जो उसकी ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में पहली जीत है. आपको बता दें कि भारत ने स्वतंत्रता मिलने के कुछ दिन बाद पहली बार 1947-48 में लाला अमरनाथ की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. तब उसका सामना सर डॉन ब्रैडमैन की अजेय ऑस्ट्रेलियाई टीम से था. तब से लेकर अब जाकर भारत का सीरीज जीतने का इंतजार विराट कोहली की टीम ने खत्म किया.

ऑस्ट्रेलिया ने चार मैचों की सीरीज में लचर प्रदर्शन किया और अगर मौसम खराब नहीं होता तो भारत का जीत का अंतर इससे बेहतर होता. कई पूर्व क्रिकेटरों और प्रशासकों ने ट्विटर पर भारत को जीत की बधाई दी. बिशन सिंह बेदी ने कहा, ‘भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड की हार से उबरकर इस शानदार जीत के लिए बधाई. ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराना वास्तव में उल्लेखनीय उपलब्धि है. चेतेश्वर पुजारा और जसप्रीत बुमराह ने निरंतरता दिखाई. पूरी टीम की प्रतिबद्धता से मिली जीत.’

वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में इस ऐतिहासिक जीत के लिए भारतीय टीम को बधाई. यह संपूर्ण टीम के प्रयासों का नतीजा है. खिलाड़ियों ने मैदान पर जो कुछ किया वह आनंद और संतुष्टि की असीम अनुभूति प्रदान करता है. आओ इस विशेष जीत का जश्न मनाएं.’

वीरेंद्र सहवाग ने कहा, ‘भारतीय टीम को इस यादगार जीत के लिए बधाई. प्रत्येक भारतीय क्रिकेट प्रेमी को इस जीत पर बहुत गर्व होगा. टीम के प्रत्येक सदस्य ने विशेष प्रयास से यह परिणाम सुनिश्चित किया.’

हरभजन सिंह ने कहा, ‘मुझे आप पर गर्व है. ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने पर भारतीय टीम को बधाई. 'मैन ऑफ द सीरीज' चेतेश्वर पुजारा भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे. यह फॉर्म बरकरार रखो. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह का जवाब नहीं.’

सुरेश रैना ने कहा, ‘आखिरी बार आपने कब पहली बार कुछ किया. भारत की ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में पहली ऐतिहासिक जीत. भारतीय टीम का बेहतरीन प्रयास. यह भले ही बारिश में खत्म हो गया, लेकिन इससे जश्न पर असर नहीं पड़ा. मुझे गर्व है.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जितने जुनून के साथ वह टेस्ट क्रिकेट खेलता है कोई और खेलता होगा. जहां तक इस मैच को खेलने के लिए जुनून की बात आती है, तो मुझे नहीं लगता कि कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय कप्तान उसके करीब है.’ शास्त्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में सीरीज में जीत पिछले साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है.

टीम इंडिया की हुई जमकर तारीफ, कंगारुओं ने भी माना लोहा

शास्त्री ने कहा, ‘यह दौरा ऑस्ट्रेलिया में ही शुरू नहीं हुआ. यह दौरान 12 महीने पहले दक्षिण अफ्रीका में शुरू हो गया था, जहां हमने कहा था कि हम खास तरह की क्रिकेट खेलने जा रहे हैं. हमने सयोंजन को लेकर प्रयोग किए और पाया कि टीम के लिए बेहतर क्या है और फिर उसे आगे बढ़ाया.’

शास्त्री ने कहा, ‘हमने दक्षिण अफ्रीका में काफी कुछ सीखा और हमें इंग्लैंड में भी काफी कुछ सीखने को मिला. हमने गलतियां की जो हमने इस सीरीज में नहीं की. हमने उन गलतियों से सबक लिया.’

肺炎疫情:非洲裔人士在中国广州“被歧视” 引发外交风波

近日,数百名在中国广州居住的非洲裔居民,在没有被确诊新冠肺炎下, 伴随武汉解封, 色情性&肛交集合 中国的新冠肺炎疫 色情性&肛交集合 情似乎正在告 色情性&肛交集合 一段落,人们的 色情性&肛交集合 生活逐渐恢复正常。 色情性&肛交集合 但一本关于 色情性&肛交集合 关于中国...